“जहां मैं स्मार्ट दवाओं का सबसे अच्छा मूल्य के लिए काम करता हूं -मैं सबसे अच्छा मूल्य के लिए सर्वश्रेष्ठ उपाहारिक दवाओं को कहां प्राप्त कर सकता हूं”

Cholestyramine विटामिन बी की malabsorption12, एक-ксилозы, कैरोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्रंथि, चीनी, विटामिन K, खून बह रहा है, अस्थिमृदुता पित्त अम्ल के साथ शिक्षा nonabsorbable जटिल, कई पोषक तत्वों के चयापचय के लिए जरूरी हैं, जो

स्विस अल्बिनो नामक चूहों की त्वचा में कैंसर उत्पन्न करके एक अध्ययन किया गया और उसका अश्वगंधा की जड़ से निकाले गए रस से उपचार करने पर, उनके त्वचा के घावों की संख्या में काफी कमी हुई। शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि अश्वगंधा के रस में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी घटक इसके चिकित्सकीय गुणों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।

स्पिरुलिना एक प्रकार की जलीय वनस्पति है। यह ताजे पानी की झीलों, प्राकृतिक झरनों और खारे पानी में उत्पन्न होता है। यह पानी के अंदर गहरे नीले-हरे रंग का दिखाई देता है। आपको जानकार शायद यकीन ना हो लेकिन इसमें खाद्य पदार्थो से भी ज़्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इसे सुपरफूड के नाम से भी जाना जाता है। यह कई प्रकार के विटामिन्स, खनिज और पोषक तत्वों, ख़ास तौर से प्रोटीन से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और ज़िंक भी पाया जाता है।

1993 में मेगालिंक ने एफ्टपोस (EFTPOS) प्रणाली का शुभारंभ किया। टर्मिनल सेवाओं को संकाय की ओर से इक्विटेबल कार्ड नेटवर्क (Equitable Card Network) प्रदान की जाती हैं। 2000 टर्मिनलों में सेवा उपलब्ध है, ज्यादातर मनीला मेट्रो (Metro Manila) में.

इससे पहले अस्पताल प्रबंधन को सारी व्यवस्था करनी होती थी। इस आदेश से निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ा है। निजी अस्पताल वाले सारी दवाएं बाजार से खरीदकर ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अफसर सवालों के दायरे में हैं। उनका यह फैसला अप्रत्यक्ष तौर पर निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने वाला माना जा रहा है।

आईजीएल स्मार्ट कार्ड से नकदी का झंझट काफी हद तक कम हो सकता है. इसकी कई खासियतें हैं. इसमें सीएनजी डलवाने के बाद नकदी से भुगतान से बचा जा सकता है. वहीं पर मौजूद कर्मचारी मशीन में आपका कार्ड लगाएगा और रकम डालेगा.

साढौरा।दवाओंकी ऑनलाइन बिक्री जैसी समस्याओं को लेकर दवा विक्रेताओं की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में कस्बे के भी सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखी। दवा विक्रेताओं महेश बंसल, महिन्द्र कुमार, भरत भवेश घई ने बताया कि दवा विक्रेता पहले से ही मंदी की मार सह रहे हैं। इन हालात में दवाओं की आन लाइन बिक्री से उनका धंधा चौपट होकर रह जाएगा। दवा विक्रेताओं द्वारा हड़ताल की पूर्व सूचना देने के बावजूद कुछ लोगों को दवाएं खरीदने के लिए भटकना पड़ा।

जन औषधि अभियान की शुरुआत सरकार ने लोगों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए की हैं. ये दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेची जानी हैं. रेलवे औषधि विभाग के साथ समझौता कर रेल परिसरों में दुकानें खोलेगा. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, हमने रेलवे स्टेशनों, दवा दुकानों, कार्यशालाओं और रेल परिसर में जहां भी संभव है जन औषधि केंद्र बनाने का निर्णय किया है. प्लेटफॉर्म और अन्य रेल परिसरों में दवा दुकान खोलने के तौर तरीके पर काम किया जा रहा है.

FROM WEBBreaking – 5$ Shark Tank cream gets biggest investment ever.CollagenNo It’s Not Photoshop, Look Closer – This Is AustraliaParentz TalkThe 10 Most Comfortable Cars On The Market, All Under $30KKelley Blue BookFROM NAVBHARAT TIMESकेरल: एक बार फिर मोहन भागवत ने स्कूल में फहराया तिरंगा WWE की ‘भारतीय नारी’ कविता को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित 69वें गणतंत्र दिवस पर देखें गूगल का खास डूडल From The WebMore From NBT

रायपुर | बिलासपुर | भिलाई | बालोद | बलोदा बाजार | बलरामपुर | बेमेतारा | बीजापुर | दंतेवाड़ा | जशपुर | कोंडागांव | कोरबा | कोरिया | कांकेर | कवर्धा | महासमुंद | धमतरी | दुर्ग | गरियाबंद | जांजगीर-चांपा | मुंगेली | नारायणपुर | रायगढ़ | राजनांदगांव | सूरजपुर | सुकमा | अंबिकापुर | जगदलपुर | चारमा

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ – एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए प्रसव पूर्व दिए जाने वाले सभी विटामिन अवश्य लें। स्वस्थ आहार लें, जिसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन हो, जैसे- लाल माँस, पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स और सेल मछली, शाकाहारी आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे- सेम, मसूर, टोफू, किशमिश, खजूर, अंजीर, खुबानी, छिलका युक्त आलू, ब्रोकोली, गाँठ गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, ब्रेड, अखरोट-मूँगफली और बीज, गुड़, दलिया, जौ और आयरन फोर्टीफाइड अनाज आदि। यह माँसाहारी महिलाओं के लिए अच्छी बात है कि मानव शरीर शाकाहारी खाद्य पदार्थों में मिलने वाले आयरन की अपेक्षा माँसाहारी खाद्य पदार्थों से मिलने वाले आयरन को आसानी से अवशोषित कर लेता है।

LG कंपनी 40,000 रूपए से कम कीमत में कुछ बेहतरीन टीवी ऑफर कर रही हैं, जिनमें से एक है LG 43LH576T और कीमत 36,999 रूपए है। यह टीवी 43-इंच फुल HD डिस्प्ले के साथ आता है। इसका डिस्प्ले ट्रिपल XD इंजन द्वारा चलता है, जो हमे लगता है कि इस टीवी को खास बनाती है। ऑडियो के लिए इसमें दो स्पीकर्स, डॉल्बी डिजिटल डिकोडर तकनीक और कुछ अलग-अलग साउंड मोड्स हैं, जिससे आपको किसी भी प्रकार के कंटेंट को देखते समय एक आरामदायक अनुभव मिलेगा। कनेक्टिविटी के लिए इसमें कई HDMI पोर्ट्स, 1 USB पोर्ट, हेडफोन जैक, 1 RGB पोर्ट, 1 RF इनपुट और बाकी जरूरी पोर्ट्स मिलते हैं।

कैमरे के अलावा इस साल कोडेक ने अपने पोर्टेबल स्पीकर ’68M’ को लॉन्च किया था। इस पोर्टेबल स्पीकर की कीमत 3,290 रुपए है। कोडक का यह पोर्टेबल स्पीकर ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ ऑक्सिलियर्य (AUX) वॉयर और माइक्रो यूएसबी जैक को सपोर्ट करता है। इसके साथ ही 5 घंटे से अधिक चल सकता है और साथ ही एम्प्लिफिएड साउंड एक्सपीरियंस भी प्रदान कर सकता है।

लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीएम भारतीय जन औषधि केंद्र खुलने से लोगों को काफी राहत है। केंद्र में बाजार से सस्ती जेनरिक दवाएं मिलने से भारी भीड़ उमड़ रही है। केंद्र खुलने के तीन दिन के भीतर ही करीब 520 से अधिक लोग इसका लाभ उठा चुके हैं।

एनपीपीए ने औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अब उन दवाओं की भी अधिकतम कीमत तय कर दी है जो आवश्यक औषधि सूची में शामिल नहीं रही हैं। इसने बीते बृहस्पतिवार को जारी अपने आदेश में कहा है कि ये दवाएं बनाने वाली सभी दवा कंपनियों को इन दवाओं की अधिकतम मूल्य सीमा का पालन करना होगा। आम तौर पर एनपीपीए सिर्फ आवश्यक औषधि सूची में शामिल दवाओं की कीमत ही तय करता है। इस सूची में 652 दवाएं शामिल हैं लेकिन डीपीसीओ के अनुच्छेद 19 के तहत इसे यह अधिकार दिया गया है कि जरूरत पडऩे पर यह अन्य दवाओं के लिए भी अधिकतम कीमत तय कर सकता है। जिन दवाओं की कीमत नियंत्रित की गई है, उनमें मधुमेह और हृदय रोग के अलावा एचआइवी और मलेरिया आदि की दवाएं भी शामिल हैं। रेनबैक्सी, सनोफी और एबॉट जैसी दवा कंपनियां अभी इन दवाओं को काफी ऊंची कीमत पर बेच रही हैं।

अब एक नया जुमला चला है-स्मार्ट सिटी. ऐसी हवा बनाई जा रही है कि स्मार्ट सिटी उस हर मर्ज का इलाज है जिसकी चपेट में आज के शहर दिखते हैं. शहरों की व्यवस्था संभालने वाले लोग जिस तरह से हकीकत से कटे रहते हैं उसे देखते हुए ऐसे जुमले हैरान नहीं करते. दरअसल हम लोकतंत्र की कितनी भी बात कर लें लेकिन, शहरों में रहने वाले भारतीयों का उस व्यवस्था पर कोई नियंत्रण ही नहीं है जिससे उनका रोज वास्ता पड़ता है. लोकतंत्र का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि हर पांच साल में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में वोट दे दिया. इसका अर्थ यह भी है कि स्कूल, पार्क, स्ट्रीटलाइट और कूड़ा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं कैसे चलेंगी, यह तय करने में भी स्थानीय लोगों की भूमिका रहे. लेकिन एक बड़ी हद तक हमारे शहरों और कस्बों की व्यवस्था में उन लोगों का कोई नियंत्रण नहीं होता जो इनमें रहते हैं. बाबुओं से लेकर म्युनिसिपल कमिश्नरों तक यह व्यवस्था बड़ी हद तक उन लोगों के हाथ में रहती है जो आम जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होते.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *