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मैगनीशियम एक महत्वपूर्ण आहार खनिज से अधिक के लिए आवश्यक है 600 चयापचय कार्यों. मैग्नीशियम की कमी विकसित देशों में दूसरा सबसे आम पोषण की कमी है जो मस्तिष्क कोहरे पैदा करने के लिए जाना जाता है, ध्यान की कमी, तनाव को संभालने में असमर्थता, insomnia, कैफीन की लत, और थकावट.

विडंबना यह है कि कुछ पोषक तत्वों कम हो जाती है अवशोषित करने की क्षमता के रूप में एक ही समय में, उनके लिए अपनी जरूरत बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, महिलाओं को रजोनिवृत्ति के बाद के वर्षों में अधिक कैल्शियम की जरूरत है, मदद करने के लिए ऑफसेट हड्डी हानि की वृद्धि की दर है कि हड्डियों की कमजोरी हो सकती है। 51 और उससे अधिक आयु के महिलाओं के लिए RDI युवा महिलाओं के लिए 1000 मिलीग्राम के साथ तुलना में प्रति दिन 1,300 मिलीग्राम, है। तुम अकेले भोजन से अपने RDI प्राप्त नहीं कर सकते हैं, तो एक पूरक मदद द्वारा प्रदत्त हो सकता है आप सही तरीके से इसे ले।

इसमें कोई शक नहीं है कि यह आप अपने लाडले के लिए जरूर पिक करें क्योंकि सच में क्लासी लुक देता है। जिसे आप किसी के साथ भी मैच करके पहना सकते हैं जैसे कि शॉर्ट्स, पैंट्स या फिर जींस के साथ। इसमें बच्चे काफी आरामदायक महसूस करते हैं। इस पैटर्न में कई सारे रंग उपलब्ध होते हैं और साथ ही इसमें चेक्स भी काफी अच्छे लगते हैं। इसलिए, आप अपने लिटिल वन के लिए कोई भी सेलेक्ट कर सकती हैं।

(3) हालांकि अधिकांश लाभ संज्ञानात्मक कार्य के माध्यम से देखा जा सकता है, लेकिन ऑक्सीरासिटम को न्यूरोप्रोटेक्टेक माना जाता है। इसका मतलब यह है कि यह मस्तिष्क की सुरक्षा करता है और आपके न्यूरॉन्स स्वस्थ रहता है। यह मस्तिष्क के विभिन्न विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करने के लिए एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम कर सकता है। यद्यपि बहुत सारे अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि ऑक्सीरासिटम शराब के दुरुपयोग से जुड़े नुकसान को उल्टा कर सकता है।

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बिटकॉइन का कारोबार डॉलर, यूरो, येन और अन्य मुद्राओं में वास्तविक समय में 24 घंटे एक दिन होता है। बिटकॉइन खरीदने या बेचने की मांग के मुताबिक, कीमत दिन-प्रतिदिन में उतार-चढ़ाव हो सकती है। यह उस तरीके के समान है जिसमें आपूर्ति और मांग के आधार पर स्टॉक या संपत्ति का मूल्य ऊपर या नीचे जा सकता है। अमेरिकी डॉलर जैसे पारंपरिक मुद्राओं की तुलना में बिटकॉइन का मूल्य अस्थिर हो सकता है क्योंकि यह अभी भी एक उभरती हुई प्रौद्योगिकी है

यह सबसे अच्छा है अगर आप पहली बार सही ढंग से इससे पहले कि आप aniracetam खरीद अपना होमवर्क करना. यह अपने समय की कुछ समय लग सकता है लेकिन मूल्य की तुलना और संसाधनों के बारे में सीखने सिर्फ लंबे समय में आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है. यह भी सुनिश्चित करें कि आप आदेश aniracetam ऑनलाइन भविष्य स्वास्थ्य की स्थिति को रोकने के लिए तीसरे पक्ष के परीक्षण है कि बनाने के.

कनाडा में, सभी दवाओं का सेवन एक ड्रग पहचान संख्या आवंटित कर रहे हैं (दीन). दीन के साथ सभी दवाओं केवल एक डॉक्टर के पर्चे के साथ उपलब्ध हैं. DINs साथ ड्रग्स विशिष्ट शर्तों के उपचार या रोकने में इस्तेमाल के लिए उन्हें स्वीकार है कि सरकारी एजेंसियों के माध्यम से पारित.

बारिश से लगातार हो रही सोयाबीन फसल का विकल्प तलाश जा रहा है। खरीफ सीजन की इस प्रमुख फसल से हर साल हो रहे नुकसान को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के प्रगतिशील किसानों से सोयाबीन के विकल्प पर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने कलेक्टर को अरहर, अलसी और स्वीट कार्न को विकल्प के तौर पर बताया। खरीफ सीजन की सोयाबीन की फसल लगातार खराब होती जा रही है। जिसके कारण जिले के किसान मुआवजा और बीमा राशि पर निर्भर हो गए हैं। इससे जहां किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है वहीं सरकारी खजाने पर भी असर पड़ रहा है। इन सब चीजों को देखते हुए कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने फसल बदलाव, जैविक खेती अपनाने के संबंध में जिले के प्रगतिशील किसानों से चर्चा की। चर्चा के दौरान किसानों ने खरीफ सीजन में अपने खेतों में अरबी और हल्दी की खेती जिले में किए जाने की बात कही है। किसानों ने सोयाबीन के विकल्प के रूप में अरहर, अलसी, स्वीट कार्न की फसल लेना सुझाई है। किसानों ने चर्चा के दौरान केमिकल खाद एवं दवाई के नुकसानों को स्वीकारा। साथ ही कहा कि शुरूआती दौर में जैविक खेती से फसल भले ही कम उत्पादित होती है पर इसकी भरपाई उसके अधिक मूल्य में बिकने से हो जाती है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या अपने उत्पादन के लिए मार्केट की तलाश है। कलेक्टर ने इस संबंध में मदद का भरोसा दिलाया। तय किया गया कि किसानों के क्लस्टर बनाकर पहले छोटे रकबे में जैविक खेती की शुरूआत करे।

वैकल्पिक रूप से, एंजाइम प्रतिक्रिया के उत्पाद द्वारा प्रतिक्रिया को चालू या बंद किया जा सकता है यह अक्सर एंजाइम, रिसेप्टर या एंटीबॉडी को शामिल करके किया जाता है, जो हाइड्रोजेल में ब्याज के अणु को बांधता है। एक बार बाध्य होने पर, एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जो हाइड्रोजेल से प्रतिक्रिया को ट्रिगर करती है। ट्रिगर ऑक्सीजन हो सकता है, ऑक्सीड्रॉडेक्टेज़ एंजाइम का उपयोग करके महसूस किया जा सकता है, या पीएच-सेंसिंग प्रतिक्रिया हो सकती है। उत्तरार्द्ध का एक उदाहरण ग्लूकोस ऑक्सीडेज और इंसुलिन की पीएच-प्रति संवेदनशील हाइड्रोगल में मिलाया जाता है। ग्लूकोज की उपस्थिति में, एंजाइम द्वारा ग्लूकॉनिक एसिड का गठन हाइड्रोजेल से इंसुलिन को जारी करता है।

गर्भपात की दवा खरीद में 15 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। सात करोड़ की दवा 22 करोड़ में खरीदी गई। यानी बाजार मूल्य से तीन गुनी अधिक दर पर। गर्भपात की दवा मिफेप्रिस्टॉन की खरीद में राज्य स्वास्थ्य समिति में यह मामला सामने आया है।

बजट फोन खरीदने वाले ज्यादातर यूजर्स का यही मानना है कि सस्ते स्मार्टफोन दोगुनी कीमत पर मिलने वाले हाई एंड स्मार्टफोन्स से थोड़े कम पावरफुल हैं। यह सोच ग्राहक की उम्मीदें बढ़ा देती है, नतीजतन यूजर्स अपने फोन की शिकायत करते हैं। जहां श्याओमी रेडमी नोट और यूरेका ने महंगे स्मार्टफोन्स से फीचर्स के मामले में फासला कम किया है, वहीं ज्यादातर दूसरे बजट स्मार्टफोन हाई-एंड फोन के मुकाबले में कहीं नजर नहीं आते। सस्ते फोन में स्क्रीन रिजॉल्यूशन, प्रोसेसर टाइप और स्पीड, रैम, कैमरा क्वॉलिटी, बिल्ड क्वॉलिटी और बैटरी लाइफ जैसी चीजों पर ग्राहक को समझौता करना पड़ता है।

ज्यादातर US उपभोक्ता क्रेडिट बनाम डेबिट के प्रति उदासीन रहते हैं, जबकि इनमें महत्वपूर्ण अंतर होता है और उन सबको इस बारे में पता होना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि किन्हीं परिस्थितियों में क्रेडिट के तौर पर हुई लेनदेन की प्रक्रिया विवादित हो सकती है, फिर चाहे वह डेबिट कार्ड हो या फिर क्रेडिट. एक डेबिट कार्ड को लेकर जिस तरह के विवाद होते हैं, क्रेडिट कार्ड को लेकर भी उसी तरह के विवाद हो सकते हैं: कार्डधारक के पक्ष में जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता है, चार्ज खाते में उसी तरह रह जाता है। डेबिट कार्डधारक के लिए इसके मायने यह है कि तब तक वह रकम से दूर रहता है जब तक कि उसके पक्ष में विवाद सुलझ नहीं जाता है और उसे वह रकम फिर से अदा कर दी जाती. बहरहाल, एक क्रेडिट कार्डधारक, अगर उसने पहले ही विवादित शेष रकम का भुगतान न कर दिया हो, तो मामले के सुलझने तक उसे ऐसा करने की जरूरत नहीं होती है। अगर उसके पक्ष में मामला सुलझ जाता है, तभी विवादित चार्ज उसके खाते से काट लिया जाएगा, या अगर उसने पहले से ही विवादित राशि का भुगतान कर दिया है तो वह राशि उसे फिर से लौटा दी जाएगी. बहरहाल, कुल मिलाकर, डेबिट के रूप में लेनदेन की प्रक्रिया में बड़ी विषमता है, जो धोखाधड़ी को छोड़कर दूसरी किसी भी परिस्थिति में विवादित नहीं हो सकता है।

[[नीदरलैंड|नीदरलैंड]] में एफ्टपोस (EFTPOS) पिन्नेन (pinnen) (pin ning) नाम से जाना जाता है, इस शब्द की व्युत्पत्ति एक व्यक्तिगत पहचान संख्या (Personal Identification Number) का उपयोग करने से हुई है। एटीएम लेनदेन में भी पिन (PINs) का उपयोग किया जाता है और यह शब्द विनिमेयता के अनुसार बहुत से लोगों द्वारा प्रयोग किया जाता है, हालांकि एफ्टपोस (EFTPOS) का आरंभ एक विपणन ब्रांड के रूप में ही किया गया था। यह प्रणाली 1987 में शुरू की गयी थी और 2006 में देश भर में इसके 166,375 वितरण टर्मिनल थे, जिनमें डेलिवरी सेवाओं द्वारा मोबाइल टर्मिनलों का इस्तेमाल और बाजार भी शामिल हैं। सभी बैंक करेंट खातों के साथ एफ्टपोस (EFTPOS) के लिए उपयुक्त डेबिट कार्ड प्रदान करते हैं।

कनाडा में राष्ट्रव्यापी एफ्टपोस (EFTPOS) पद्धति है, जिसे इंटरैक डायरेक्ट पेमेंट कहते हैं। 1994 में इसे शुरू किये जाने के बाद से, आईडीपी (IDP) देश में सबसे लोकप्रिय भुगतान पद्धति बन गयी है। पहले, 1980 के दशक के प्रारंभ से डेबिट कार्डों का इस्तेमाल एबीएम (ABM) उपयोग के लिए हुआ करता रहा। 1990 के दशक के प्रारंभ में, सुरक्षा को आंकने के लिए कनाडा के छह सबसे बड़े बैंकों में इंटरैक प्रणाली की सूक्ष्मता और संभाव्यता की पायलट परियोजनाएं आयोजित की गयीं। धीरे-धीरे 1990 के अगले दशकार्द्ध में, यह अनुमान लगाया गया कि लगभग 50% खुदरा ग्राहकों ने भुगतान के एक स्रोत के रूप में इंटरैक को अपना लिया है। खुदरा विक्रेता, खासकर अनेक कॉफी दुकानों जैसे छोटे खुदरा विक्रेताओं ने जल्द से जल्द सेवा प्रदान करने के लिए आईडीपी (IDP) के प्रस्ताव का विरोध किया। 2009 में, 99% खुदरा विक्रेताओं ने एक वैकल्पिक भुगतान रीति के रूप में आईडीपी (IDP) को स्वीकार कर लिया।

फरीदाबाद।। कैश लेस मेडिकल स्टोर की सुविधा बंद हो जाने से ईएसआई कार्ड होल्डर्स की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में दवाइयां नहीं होने पर अब कार्ड होल्डर्स को अपनी जेब से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा बाहरी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने पर केवल उन्हीं कार्ड होल्डर्स को भुगतान किया जा रहा है, जिनके पास पेन कार्ड और भारतीय स्टेट बैंक में अकाउंट हैं। इसके चलते कई कार्ड होल्डर्स को भुगतान नहीं हो पा रहा है।

सुल्तानपुर में 10 किलोवाट के एफएम रेडियो स्टेशन की स्थापना के लिए 4050 वर्ग मीटर जमीन 90 साल की लीज पर दी जाएगी। आकाशवाणी और दूरदर्शन की ओर से आए इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गत 20 मार्च को आकाशवाणी और दूरदर्शन की ओर से प्रचार-प्रसार माध्यम को मजबूत बनाने के लिए एफएम रेडियो स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था।

रुला रहा है प्याज, आसमान छू रहे हैं दाम! – posted on : Aug, 19 2015 नई दिल्ली। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। प्याज खाने वालों की थाली से प्याज गायब हो रहा है। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि प्याज की आपूर्ति कम होने की वजह से भाव चढ़ रहा है। दिल्ली की बात करें तो ओखला मंडी में प्याज थोक भाव में 50 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसकी वजह से खुदरा बाजार में भी प्याज के दाम में तेजी आई है और दिल्ली के बाजारों में प्याज 60 से 70 रुपए प्रति किलो बिक रहा है और आशंका है कि खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों में और उछाल आ सकता है।

(३) खनिज लवण – कैल्सियम, सोडियम, क्लोराइड, मैग्नीशियम और पोटैशियम भी काफी मात्रा में लगते हैं। इन्हे स्थूल पोषक या बृहत् पोषक कहते हैं। इसके अलावा अल्प मात्रा में विटामिन और कुछ अन्य खनिज आवशयक होते हैं।

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दवा के नाम खोजें और सभी संबंधित जानकारी मिलती है। आप सभी दवाओं का भी विकल्प देख सकते हैं। पूरी जानकारी के साथ एक दवा की दुकान की आवश्यकता होगी। केमिस्ट / फार्मासिस्ट भी लवण की सूचना है और यह कैसे विशेषज्ञ की सलाह के साथ काम करता हो जाता है।

स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कॉर्पोरेशन बनने के बाद जिलास्तर और पर दवाइयां खरीदने की व्यवस्था बंद हो जाएगी। अस्पतालों में लोकल पर्चेजिंग (एलपी) भी मुमकिन नहीं हो सकेगी। राज्य सरकार का दावा है कि इससे दवाओं और उपकरणों की खरीद में होने वाला भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद मिलेगी।

मुर्गीपालन और मछलीपान जैसे कृषि आधारित कामों से भी किसानों को आमदनी होती है बात अगर कृषि क्षेत्र की हो रही है तो कृषि आधारित कामों की चर्चा करना भी ज़रूरी है. इसमें मुख्य तौर पर मछलीपालन, पशुपालन और पोल्ट्री का काम शामिल है. एक अनुमान के मुताबिक पोल्ट्री उद्योग से करीब 20 लाख लोगों को रोज़गार मिलता है जबकि मछलीपालन से करीब एक करोड़ लोगों को. भारत की राष्ट्रीय आय में भी पोल्ट्री और मछलीपालन उद्योग का अहम योगदान है. ये काम न सिर्फ़ लोगों के लिए अतिरिक्त आय का ज़रिया है बल्कि जिस दौरान खेती का काम न हो या फसल खराब हो जाएँ तो किसानों की रोज़ी रोटी का मुख्य साधन भी बन जाते हैं. भविष्य में लक्ष्य “खेतीबाड़ी में मेहनत ज़्यादा है लेकिन किसान को फ़ायदा कम मिलता है. अब तो कई किसान सिर्फ़ मजबूरी में ही खेती कर रहे हैं आलोक पुराणिक, आर्थिक विशेषज्ञ भारत में कृषि क्षेत्र की मौजूदा हालत पर आर्थिक मामलों के जानकार आलोक पुराणिक कहते हैं, “खेतीबाड़ी में मेहनत ज़्यादा है लेकिन किसान को फ़ायदा कम मिलता है. अब तो कई किसान सिर्फ़ मजबूरी में ही खेती कर रहे हैं.” तमाम आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत ने लक्ष्य रखा है 10 फ़ीसदी की विकास दर हासिल करने का. लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले कृषि क्षेत्र में विकास के बगैर ये लक्ष्य हासिल कर पाना भारत के लिए मुश्किल हो सकता है. अगर उद्योगों में विकास के साथ-साथ भारत के खेत खलिहान भी हरे भरे हों, तो भारत समुचित और समग्र विकास का दावा कर सकता है- ऐसा विकास जिसका फ़ायदा सिर्फ़ शहरों को ही नहीं गाँवों-कस्बों तक भी पहुँचे.

2007 के वाशिंगटन पोस्ट में – बैंकों के लाभकारी डेबिट कार्ट ओवरड्राफ्ट शुल्क पर – एक लेख में बताया गया कि डेबिट कार्ड जारी करनेवाले ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ओवरड्राफ्ट शुल्क से उन्हें बचने की अनुमति देने की सूचना दे सकते हैं। बैंकिंग उद्योग के प्रवक्ता और प्रचारक नेसा फेडीज (Nessa Feddis) दावे के साथ कहते हैं कि मौजूदा तकनीक ओवरड्राफ्टों के निषेधात्मक-लागत की चेतावनी वास्तविक समय में देता है।[10] लेख दावा करता है कि “वित्तीय संस्थान यथापूर्व स्थिति में बदलाव नहीं चाहते हैं, क्योंकि ग्राहकों की गलतियों और उनकी गैर-जिम्मेदारी से वे अच्छा और आसानी से रुपए कमाते हैं।”[10]

बड़वानी। कुछ दशक पूर्व तक बड़ा व संपन्ना किसान वह कहलाता था, जिसके बड़े-बड़े खेत होते थे। लेकिन अब बड़ा किसान वह कहलाता है, जो परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक खेती कर वर्षभर आर्थिक लाभ प्राप्त करे। प्रदेश की सरकार ने प्रत्येक किसान को संपन्ना बनाने का बीड़ा उठाया है। किसानों को कृषि महोत्सव के तहत उसके ग्राम-खेतों में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, वैज्ञानिकों को भेजकर जानकारी देना प्रारंभ करवाया है। इसका ही परिणाम है कि गत 3 वर्षों से हमारे राज्य को कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा पुरस्कार कृषि कर्मण अवार्ड मिल रहा है।

सरल ई पॉइंट भारत के प्रत्तेक कार्यशील इच्छाधारी व्यक्ति के लिए एक सुनहरा लाभकारी मौका है चुकी यहाँ आपको  बड़ी से बड़ी इन्वेस्टमेंट करनेकी आवशकता नहीं है, एक साधारण पैनल लेकर आप अपने मोबाइल फ़ोन से भी इस कार्य को बड़े ही आसानी से कर सकते है। सरल सेवा हमेशा ही अपने ग्रामीण तथा शहरी भागो में काम करने वाले साथी तथा व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी सेवाओ को  अधिक सरल बनानेका प्रयास करती है।

मध्यप्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहयोग के लिये निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने वाली है। हाल ही में मण्डला में हुए राष्ट्रीय जैविक कृषि उत्सव में विभिन्न कम्पनी ने जैविक खेती उत्पादों के साथ 20 एमओयू कर हस्ताक्षर किये। उल्लेखनीय है कि भारत में होने वाले जैविक खेती उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान 40 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये जैविक कृषि नीति भी लागू की है। मण्डला में राष्ट्रीय जैविक कृषि उत्सव में लेन्टस इंद्रा प्रायवेट लिमिटेड, भोपाल द्वारा कान्हा कृषि वनोपज उत्पादक प्रोडयूसर कम्पनी, बिछिया जिला मण्डला के साथ 30 गाँव में जैविक खेती के कार्य में समग्र सहयोग के लिये एमओयू किया। राय ब्रदर्स आर्गेनिक एग्रो प्रायवेट लिमिटेड, इंदौर ने 5 एमओयू किये गये। इनमें ग्रीन हेवन आर्गेनिक, इंदौर के साथ 500 क्विंटल प्रोसेस्ड पल्सेस और मसाले के लिये, सशक्त किसान प्रोडयूसर कम्पनी गोहपारू जिला शहडोल के साथ 3 टन हल्दी, 10 टन मिलेट और एक टन अदरक के लिये, हरिओम आर्गेनिक प्रोडक्ट जबलपुर के साथ 200 क्विंटल फ्लेक्स बीज, मिलेट्स और चावल के लिये, कान्हा कृषि वनोपज उत्पादक प्रोडयूसर कम्पनी बिछिया जिला मण्डला के 2000 क्विंटल मिलेट्स, छिंदीकपूर और आसाम कोटी चावल के लिये तथा मण्डला ट्रायबल फार्मर प्रोडयूसर कम्पनी पोडीलिंगा मण्डला के साथ 300 क्विंटल मिलेट्स एवं रॉय के लिये किये गये एमओयू शामिल हैं।

इसके अलावा, अन्य फीचर्स की बात करें तो इस स्मार्ट टीवी में मिराकास्ट, स्मार्टफोन रिमोट कंट्रोल, एप स्टोर मिलते हैं, जहां से आप नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, फेसबुक आदि को टीवी में चला सकते हैं। इस टीवी का कुल माप 975.5 x 583 x 81.5 मिमी और वजन 8.4 किग्रा है। टीवी के साथ आने वाले बॉक्स में एक टेबलटॉप स्टैंड मिलता है। वहीं LG की यह टीवी भी एक साल की घरेलू वारंटी के साथ आता है।

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